मेरे विचार
अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी और रिहाई !
साल 2018 में 53 साल के इंटिनियर डिजाइनर अनव्य नाईक
और उनकी मां कुसुम नाईक ने अलीबाग के अपने घर में खुदखुशी की थी । मरने से पहले उन्होंने अपने सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए 3 लोगो को जिम्मेदार ठहराया था जिसमें एक नाम अर्नब गोस्वामी का भी था । आरोप यह था कि अर्नब ने अपने दफ्तर का काम करवाने के बाद उनके 83 लाख नहीं दिए थे ।
राज्य की सरकार बदलने के बाद परिवार ने न्याय की गुहार लगाई तो महाराष्ट्र सरकार के गृह मंत्री अनिल देशमुख जी ने CID जांच के आदेश दिए थे और इसी सिलसिले में अलीबाग पुलिस ने इनको गिरफ्तार किया था ।
इस मामले को लेकर पूरे देश में अलग अलग धारणाएं बनी हुई है लोगो को अर्नब के चैनल ने खुद नहीं बताया कि किस मामले में उनको गिरफ्तार किया गया है । अर्नब इस देश के विवादित पत्रकार है जो पत्रकार कम और अपनी शैली से गुंडे ज्यादा लगते है, हर किसी को ललकार देते है , सुशांत केस में भी अर्नब ने बहुत सारे मनघड़ंत आरोप महाराष्ट्र सरकार पर लगाए जो CBI जांच में झूठे पाए गए ।
अर्नब गोस्वामी जैसे लोग टीवी पे एजेंडा और प्रोपोगेंडा चलाने का काम करते है इनकी मानसिकता अत्यन्त गिरी हुई है आज देश का चोथा स्तम्भ कहा जाने वाला मीडिया भी स्वतंत्र नहीं है । अर्नब गोस्वामी हमेशा विवादों से घिरा रहता है टीवी पर आकर चीखने चिल्लाने में माहिर है । अर्नब अपने मानसिक दिवालियापन का उदाहरण कई बार प्रस्तुत कर चुका है ।
उनकी गिरफ्तारी को भाजपा ने भुनाने और राजनीति का रूप देने का कार्य किया जो कि अत्यन्त गलत है । लोग भावनाओ में बहक करके ऐसे लोगो का समर्थन कर देते है जो की अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है । खाचकर के मीडिया को की लोकतंत्र का एक अमूल्य भाग है उसमे ऐसे लोगो की जगह बिल्कुल भी नहीं है ।
खैर, सुप्रीम कोर्ट ने 50,000 मुचलके के ऊपर अंतरिम जमानत पर तीनों को छोड़ दिया है परन्तु अभी अर्नब की मुश्किल ख़तम नहीं हुई है ।
में महाराष्ट्र सरकार का धन्यवाद ज्ञापित करता हूं कि उन्होंने परिवार की भावनाओं को समझते हुए परिवार को न्याय दिलाने के लिए सीआईडी जांच करवाई तथा अर्नब जैसे आरोपियों को देश के सामने लाया । फर्जी राष्ट्रवादी अर्नब जैसे लोग नागरिकों को भ्रमित करने का काम करते हैं उनके खिलाफ कार्रवाई महाराष्ट्र सरकार ने कि बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं ।
- महेन्द्र कुमार #जालोर
Thursday, 12 November 2020
अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी और रिहाई !
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment